भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन सड़क निर्माण के लिए कटेंगे 3,357 पेड़, वन विभाग ने दी मंजूरी


भानियावाला से ऋषिकेश तक 21 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का रास्ता साफ हो गया है. वन विभाग की ओर से तीन हजार से अधिक पेड़ों के कटान को मंजूरी मिल गई है. जिसके बाद मार्च से सड़क निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है.

भानियावाला से ऋषिकेश तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए वन विभाग ने 3,357 पेड़ों के कटान का आदेश दे दिया है. इस कार्य के लिए वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद मार्च से सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने की उम्मीद है. बता दें इन पेड़ों में साल, कंजू, रोहणी और हल्दू के पेड़ शामिल हैं. जो इस परियोजना के लिए काटे जाएंगे.

बता दें सरकार की ये परियोजना पिछले कई सालों से लंबित है, क्योंकि वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी. अब भारत सरकार ने इसके लिए 700 करोड़ रुपए से अधिक का बजट मंजूर किया है. बता दें रानीपोखरी से लेकर ऋषिकेश तक के बड़े वन क्षेत्र में यह पेड़ काटे जाने हैं. परियोजना में रानीपोखरी से ऋषिकेश के बीच पांच किमी लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी.

परियोजना के तहत पांच किमी लंबी एलिवेटेड सड़क के साथ-साथ सात मोड़ों को सीधा किया जायेगा. जिससे यातायात की सुविधा में सुधार होगा. एनएचआई के साइट इंजीनियर रोहित पंवार के अनुसार कंस्ट्रक्शन के टेंडर हो चुके हैं. मार्च तक निर्माण काम के शुरू होने की संभावना है.

बता दें अभी तक भानियावाला से ऋषिकेश की तरफ मुड़ते ही लंबा जाम लग जाता था. वहीं सात मोड़ पर भी यातायात चुनौती बन जाता था. जिसे देखते हुए ऋषिकेश मार्ग को भी फोरलेन करने की दिशा में एनएचएआइ ने कदम बढ़ाया था. जानकारी के लिए बता दें करीब 20 किमी लंबी इस परियोजना में 10 किमी आबादी है, जबकि 10 किमी भाग पूरी तरह से वनक्षेत्र है.




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