आखिर वही हुआ जिस का डर था उत्तराखंड में एक तरफ धामी सरकार सख्त भू कानून लाने पर अपनी छवि को मजबूत बनाने का दावा करती है उसी की सरकार में मसूरी डाइवर्जन में स्थित नगर निगम की भूमि जो कि बेस कीमती भूमि स्टांप पेपर के माध्यम से विक्रय दर्शा कर खुर्द के कब्जा किया जा रहा है न कानून का डर न ही ये पता कि ये लोग आखिर आए कहा से है , और आखिर ऐसा किस उद्देश्य से कर रहे हैं किशन पुर राजपुर रोड स्थित भूमि को साबिर अली पुत्र अली हसन आखिर कहा से आया है और भूमि अनुबंध के कागज बना कर नगर निगम की भूमि पर अवैध रूप से काबिज हो रखा है.


नगर निगम देहरादून के अधिकारियों को ये दिखाई दे रहा है न ही जिला प्रशासन को वही दिन रात बांग्लादेशी घुसपैठियों की बात करने वाली सरकार के शासन में ही ये पता नहीं कि आखिर ये व्यक्ति कहा से आया है इसे सिस्टम का फेल्यर कहे या कुछ और क्या अब इसकी जांच हो पाएगी साथ ही इनके कनेक्शन किसके साथ है या ये कही अवैध रूप से तो नहीं आए साथ ही सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को इन्होंने अपने विक्रय पत्र के स्टाम्प पेपर में भी दर्शा रखा है क्या अब शासन, प्रशासन, नगर निगम, और खुफिया एजेंसी इसकी जांच करेंगी और सरकारी भूमि कब्जाने का मामला आखिर कौन दर्ज करेगा ये देखना रोचक होंगा