काकोरोय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर हाल के विभिन्न राजनीतिक आंदोलनों और प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। पार्टी ने जंतर-मंतर सहित अन्य स्थानों पर हुए प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान, पुलिसकर्मियों के घायल होने और प्रदर्शनकारियों के पास कथित रूप से लाठी-डंडे, पत्थर एवं धारदार हथियार होने के मामलों की गहन जांच की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों और युवाओं के नाम पर ऐसे लोगों को आंदोलनों में शामिल कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बजाय कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना है। पार्टी ने मांग की है कि ऐसे मामलों में गिरफ्तार लोगों की पृष्ठभूमि और उनकी वास्तविक भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए।


ज्ञापन में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिसकर्मियों पर कथित हमले का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को उपलब्ध कराई जा रही आर्थिक एवं अन्य सहायता के स्रोतों की जांच किए जाने की मांग की है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर होने वाले आंदोलनों की आड़ में राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ज्ञापन में आंदोलनों की फंडिंग, प्रदर्शनकारियों के पास हथियार एवं अन्य सामग्री पहुंचने तथा उनके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कांग्रेस के कुछ नेताओं के पूर्व बयानों और राजनीतिक गतिविधियों का भी उल्लेख करते हुए पार्टी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हिंसक और देशविरोधी बयानों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री से मांग की गई कि आंदोलनों के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन आंदोलन की आड़ में हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।