देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने बुधवार को उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल परिवार अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 का प्री रिजल्ट जारी कर दिया है । रिजल्ट में सबसे खास बात यह है कि अपने इतिहास में पहली बार आयोग ने 150 में से कुल 7 सवालों को गलत मानकर ड्रॉप कर दिया है। इससे मेरिट पर बहुत बड़ा असर पड़ा है ।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने इस साल पीसीएस परीक्षा के लिए 14 मार्च को विज्ञापन प्रकाशित किया था। जबकि 14 जुलाई को यह परीक्षा प्रदेश भर के सभी 13 जिलों में कराई गई थी। इस परीक्षा में 46000 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया था। आयोग ने बुधवार को प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है जिसमें पहली श्रेणी की कट ऑफ सामान्य के लिए 87.3308, सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 87.3308 रही है । मजेदार बात यह है कि ओबीसी की कट ऑफ भी इसी नंबर पर आकर रुकी है, जबकि अनुसूचित जाति की कट ऑफ 77.1038 और एसटी की कट ऑफ 82.8734 रही है। प्री परीक्षा में कुल 150 सवाल पूछे गए थे लेकिन आयोग ने अब यह रिजल्ट सिर्फ 143 सवालों के आधार पर ही तय किया है। क्योंकि आयोग ने मान लिया है की परीक्षा में दिए गए सात सवाल सही नहीं थे।
16 नवंबर से होगी मुख्य परीक्षा
इस रिजल्ट के साथ ही आयोग ने पीसीएस की मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 7 सितंबर से शुरू होंगे और 21 सितंबर आवेदन की आखिरी तारीख रहेगी। इसी अवधि में अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फीस भी जमा करनी होगी। आयोग ने कहा है की मुख्य परीक्षा का आयोजन 16 नवंबर से 19 नवंबर तक कराया जाएगा।
इस बार उत्तराखंड की नॉलेज तय करेगी मेंस का रिजल्ट
मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम में एक बड़ा बदलाव किया है । अभी तक इस परीक्षा में कुल 7 पेपर लिए जाते थे जिनमें से सातवां पेपर उत्तराखंड पर आधारित होता था। इस साल से आयोग ने मुख्य परीक्षा में एक पेपर बढ़ा दिया है और यह पेपर भी उत्तराखंड के सामान्य ज्ञान पर ही आधारित होगा। यानी उत्तराखंड के सामान्य ज्ञान पर आधारित कुल मिलाकर अब दो पेपर परीक्षा में शामिल होंगे । विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड की जीएस इस बार पीसीएस मेन में डिसाइडिंग फैक्टर साबित होने वाली है।
‘सात सवाल ड्राप करना बहुत अप्रत्याशित चीज है और इससे अभ्यर्थियों को बहुत बड़ा झटका लगा है । जो युवा 90 के आसपास नंबर आने की उम्मीद लगाए थे उनके अंक गिरकर अब 85 के आसपास रह गए हैं। और ऐसे युवा मेरिट से बाहर हो गए हैं । आयोग को निश्चित रूप से ऐसी चीजों से बचना चाहिए’
– अरविंदर सिंह, पीसीएस परीक्षा विशेषज्ञ, निदेशक जीएस आईएएस अकैडमी