मानकों के माध्यम से उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा वितरण पर संगोष्ठी

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ ने BIS देहरादून के सहयोग से “मानकों के माध्यम से उत्कृष्ट सार्वजनिक सेवा वितरण” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन होटल रीजेंटा, देहरादून में किया। इस संगोष्ठी में सेवा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (SQMS – IS 15700) और सवोत्तम मॉडल को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया, ताकि शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि को बढ़ाया जा सके।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन श्री सौरभ तिवारी, वैज्ञानिक ‘ई’/निदेशक एवं प्रमुख, BIS देहरादून द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में श्री तिवारी ने सार्वजनिक सेवा संगठनों के लिए SQMS (IS 15700) के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहाँ सार्वजनिक विभाग नागरिकों से जलापूर्ति, विद्युत, सार्वजनिक परिवहन, खाद्य वितरण, पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं जैसी आवश्यक सेवाओं में सीधे जुड़े रहते हैं, वहाँ SQMS को अपनाना केवल वांछनीय ही नहीं बल्कि अनिवार्य है।

तकनीकी सत्र प्रस्तुत करते हुए श्री एल.के. मेहता, लीड ऑडिटर (पूर्व वैज्ञानिक ‘एफ’, BIS) ने सवोत्तम ढाँचे की व्याख्या की और इसके प्रमुख बिंदुओं – नागरिक चार्टर, शिकायत निवारण और सेवा वितरण में सहायक साधनों – पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि IS 15700 (SQMS) इन सिद्धांतों को एक प्रमाणित प्रणाली में परिवर्तित करता है, जिससे सार्वजनिक सेवाओं में दक्षता, पारदर्शिता और सतत सुधार सुनिश्चित होता है। श्री मेहता ने जोर दिया कि SQMS न केवल नागरिकों का विश्वास बढ़ाता है बल्कि मापने योग्य जवाबदेही भी प्रदान करता है, जबकि BIS का प्रमाणन सेवा गुणवत्ता की स्वतंत्र गारंटी देता है।

कार्यक्रम में कई प्रमुख विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • उत्तराखंड जल संस्थान एवं पेयजल निगम – जलापूर्ति एवं प्रबंधन

  • लोक निर्माण विभाग (PWD), उत्तराखंड – आधारभूत संरचना एवं सड़क सेवाएँ

  • उत्तराखंड परिवहन निगम – सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ

  • खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं विधिक मापविज्ञान विभाग – राशन एवं उपभोक्ता सेवाएँ

  • महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग – नागरिकों हेतु कल्याणकारी कार्यक्रम

  • श्रम आयोग, उत्तराखंड – श्रमिक कल्याण सेवाएँ

  • उत्तराखंड पुलिस – कानून प्रवर्तन एवं सुरक्षा

  • कृषि, सिंचाई आदि विभाग – जमीनी स्तर एवं किसानों उन्मुख सेवाएँ

  • उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) – विद्युत वितरण

  • शहरी विकास विभाग (UDD) – नगरपालिका एवं शहरी सेवाएँ

संगोष्ठी का समापन एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र से हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने-अपने विभागों में SQMS को लागू करने के व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की।

BIS अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि SQMS (IS 15700) को अपनाने से विभाग दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम होंगे और इससे उत्तराखंड में सुशासन मजबूत होगा।

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