केदारपुरी को संवारने में जुटे सफाईकर्मी, 18 दिन में 30 कुंतल प्लास्टिक कूड़े का किया निस्तारण


करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केन्द्र केदारनाथ धाम में इस बार साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है. स्वच्छता को लेकर दिन के साथ ही रात के समय भी पर्यावरण मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है. ताकि रात के समय यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों को भी स्वच्छ माहौल मिल सके. सीतापुर से लेकर केदारनाथ धाम तक 18 दिन की यात्रा में तीस कुंतल कूड़ा एकत्रित करके निस्तारण किया गया है. वहीं, दूसरी ओर घोड़े-खच्चरों की लीद को भी अलग से एकत्रित कर निस्तारण किया जा रहा है. समय-समय पर धाम और यात्रा मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं और यात्रियों से भी स्वच्छता रखने की अपील की जा रही है.

बाबा केदारनाथ की यात्रा को 18 दिन का समय हो गया है और अब तक चार लाख से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जो कि एक नया रिकॉर्ड बन गया है. प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में तीर्थ यात्री टोकन सिस्टम के जरिये बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिये प्रत्येक तीर्थ यात्री को पंक्तिवद्ध तरीके से दर्शनों के लिये भेजा जा रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि यात्रियों को इस बार स्वच्छ माहौल में दर्शन कराये जा रहे हैं. दिन के साथ ही रात्रि के समय भी साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है. प्रत्येक एक किमी में 10 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। यह पर्यावरण मित्र शिफ्ट के अनुसार कार्य कर रहे हैं.

प्लास्टिक कूड़ा और घोड़े-खच्चरों की लीद के निस्तारण के लिये सोनप्रयाग में प्लांट बनाये गये हैं. धाम सहित पैदल मार्ग से सभी प्रकार के कूड़े को एकत्रित करके निस्तारण के लिये सोनप्रयाग प्लांट तक पहुंचाया जा रहा है. स्थानीय लोग और यात्री भी स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, इसके लिये जन जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं. साथ ही पर्यावरण मित्रों की ओर से यात्रियों के अलावा स्थानीय लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है, जिससे हिमालयी क्षेत्र की स्वच्छता बरकरार रहे.

यात्रा मार्ग सहित धाम में स्थित प्रत्येक शौचालय पर पर्यावरण मित्रों को तैनात किया गया है. पर्यावरण मित्र रात एवं दिन के समय कार्य कर रहे हैं. कई शौचालयों में गर्म पानी की भी व्यवस्था की गई है. सीतापुर से लेकर केदारनाथ धाम तक 250 से अधिक स्थाई व अस्थाई शौचालय बनाये गये हैं. स्वच्छता का ध्यान रखने वाले पर्यावरण मित्रों को आवश्यक उपकरण दिए गए हैं.








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