उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस ने आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगाते 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ऑनलाइन सट्टा दुबई से संचालित हो रहा था. पुलिस की रेड के दौरान आईपीएल की चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स को बीच मैच में ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में प्रयोग किए जा रहे लैपटॉप, मोबाइल समेत 5 लाख से ज्यादा की नकदी बरामद की है. आरोपियों के खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन होने की पुलिस को जानकारी मिली है. पुलिस ने बैंक खातों को सीज कर दिया है.
जानकारी के मुताबिक, देहरादून एसएसपी अजय सिंह को शहर में आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के संबंध में जानकारी मिली. जिसके बाद थाना राजपुर पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया. गठित टीमों ने राजपुर क्षेत्र के अंर्तगत एक फ्लैट में दबिश देते हुए आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा लगा रहे 6 आरोपी चेतन शर्मा, शक्ति सिंह, धीरज शर्मा, निशांत, करण और सोहन सिंह को गिरफ्तार किया. मौके पर पुलिस टीम ने इनके कब्जे से आनलाइन सट्टा लगाने में इस्तेमाल किए जा रहे कुल 2 लैपटॉप, 17 मोबाइल और 5 लाख 33 हजार 500 रुपए नकद बरामद किए.
आरोपियों द्वारा ऑनलाइन सट्टा खेलने वाले ग्राहकों को एक लिंक भेजा जाता है. जिसे क्लिक करते ही उन्हें एक नंबर उपलब्ध हो जाता है. फिर आरोपी नंबर को व्हाट्सएप से लिंक करके ग्राहक से संपर्क करते हुए उनका व्हाट्सएप डेटाबेस तैयार किया जाता है. सट्टा खिलाने में प्रयोग दोनों ग्लोबल साइटों में से ग्राहक द्वारा चयनित की गई साइट के माध्यम से उसे व्हाट्सएप के जरिए डिपॉजिट स्लिप उपलब्ध कराते हैं. जिसमें बैंक की डिटेल दी जाती है. बैंक खातों में ही पैसों का लेनदेन होता है. पेमेंट साइट के बाद ग्राहक की आईडी जनरेट होती है और पासवर्ड ग्राहक को उपलब्ध कराया जाता है.
उसके बाद ग्राहक द्वारा गूगल क्रोम के माध्यम से ग्लोबल साइट को खोलकर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता है. धनराशि जीतने पर ग्राहक द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से आरोपियों से संपर्क किया जाता है. जिनसे आरोपियों द्वारा एक ऑनलाइन विड्रॉल फॉर्म भरवाकर पैसे उनके खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. जिन ग्राहकों को नकद धनराशि चाहिए होती है, वह आरोपियों के पास आकर नकद धनराशि ले जाते हैं.