आरक्षित सोमेश्वर विधानसभा सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच संभावित मुकाबले को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। वर्तमान में इस सीट से भाजपा की विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से डॉ. अजय पाल ने चुनावी दावेदारी पेश करते हुए क्षेत्र में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
डॉ. अजय पाल पिछले कुछ महीनों से सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। वह विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। उनकी सक्रियता के बाद क्षेत्र में कांग्रेस संगठन की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

अजय पाल की ओर से लगातार गांवों का दौरा किया जा रहा है। इन दौरों के दौरान वह स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर लोगों से बातचीत कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र में संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी बीच कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने का दावा भी पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से किया जा रहा है।
सोमेश्वर सीट पर कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। डॉ. अजय पाल द्वारा अपनी दावेदारी सामने रखने के बाद फिलहाल कोई भी अन्य दावेदार सामने नहीं आया है। इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता भी डॉ. अजय पाल के नेतृत्व में इस सीट पर अपना परचम लहराने की तैयारी में है। कांग्रेस की स्थानीय बैठकों में भी उनके नाम को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है।

गौरतलब है कि सोमेश्वर विधानसभा सीट से कांग्रेस की ओर से राजेंद्र बाराकोटी और प्रदीप टम्टा चुनाव लड़ चुके हैं। अब अजय पाल की सक्रियता ने पार्टी के भीतर आगामी चुनाव को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित है।
बता दें कि वर्तमान विधायक रेखा आर्या के क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के बीच कांग्रेस की बढ़ती गतिविधियों को राजनीतिक जानकार आगामी चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। सोमेश्वर विधानसभा सीट आरक्षित होने के कारण यहां अनुसूचित जाति एवं वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दे, रोजगार, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और ग्रामीण विकास जैसे विषय चुनावी बहस के प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं। इन दिनों कांग्रेस कार्यकताओं ने आवश्यक मुद्दों को उठाकर क्षेत्र की जनता के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है।
वहीं डॉ. अजय पाल की सक्रियता से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ने की बात सामने आ रही है, ऐसे में आने वाले समय में सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है। फिलहाल आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस ने जिस तरह से सोमेश्वर में सक्रियता दिखाई है। उससे साफ होता है कि इस बार डॉ. अजय पाल के नेतृत्व में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला होने की पूरी संभावना है।