बिना मंजूरी सरकारी दफ्तर में नहीं मिलेगी एंट्री, उत्तराखंड में लागू हुई नई SOP


उत्तराखंड सरकार ने राजकीय कार्यस्थलों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से जारी इस SOP के तहत अब सभी सरकारी कार्यालयों में प्रवेश, आगंतुक प्रबंधन, सुरक्षा जांच और बैठक व्यवस्था के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

SOP के अनुसार सभी आगंतुकों को कार्यालय में प्रवेश से पहले स्वागत कक्ष में पंजीकरण कराना होगा और वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। अधिकारियों से मिलने के लिए पूर्व निर्धारित समय या टोकन के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। बिना अपॉइंटमेंट आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश द्वार से ही वापस किया जा सकेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्यालय परिसर में किसी भी प्रकार का शोर-शराबा, नारेबाजी, अभद्र व्यवहार या सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट गंभीर दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत तत्काल FIR दर्ज कर परिसर से निष्कासित किया जाएगा। साथ ही ऐसे लोगों को ब्लैकलिस्ट कर उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा।

SOP के तहत सभी कार्यालयों में डिजिटल Visitor Management System (VMS) लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आगंतुकों की फोटो, पहचान पत्र का सत्यापन और आने का उद्देश्य दर्ज किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही टाइम-स्टैम्प्ड विजिटर पास जारी होगा, जिसे मीटिंग समाप्त होने पर जमा करना होगा।

प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे और सुरक्षा कर्मियों द्वारा सभी व्यक्तियों की फ्रिस्किंग की जाएगी। आम जनता के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि अधिकृत वाहनों को ही अनुमति मिलेगी।

SOP के तहत कार्यालय में ज्वलनशील पदार्थ, स्याही, लाठी-डंडा, हथियार या अन्य आपत्तिजनक वस्तु ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। परिसर में वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा।
सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी घटना की स्थिति में CCTV फुटेज सुरक्षित रखी जाएगी, मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और विवेचना इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। गंभीर कार्यालयों का वार्षिक सुरक्षा ऑडिट भी कराया जा सकेगा।

सरकार का कहना है कि इस SOP का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बाहरी दबाव, हिंसा और अव्यवस्था से सुरक्षित रखते हुए कार्यालयों में अनुशासित और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करें।








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