उत्तराखंड में बड़ा सड़क हादसा, ट्रक पर गिरा भारी भरकम बोल्डर, चालक की दर्दनाक मौत


ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. तोता घाटी क्षेत्र में पहाड़ से अचानक भारी-भरकम पत्थर गिरने से एक ट्रक उसकी चपेट में आ गया, जिससे ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा. टीम ने काफी मशक्कत के बाद चालक के शव को बाहर निकाला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

जानकारी के अनुसार ट्रक चालक ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर जा रहा था. जैसे ही वाहन तोता घाटी क्षेत्र में पहुंचा, अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर सीधे ट्रक पर आ गिरा. पत्थर गिरने से ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा. टीम ने काफी मशक्कत के बाद चालक के शव को बाहर निकाला और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

गौरतलब है कि तोता घाटी क्षेत्र में अक्सर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं होती रहती हैं. विशेषकर बरसात और ठंड के मौसम में यह मार्ग अत्यंत जोखिम भरा बन जाता है. स्थानीय लोग और वाहन चालक लंबे समय से इस क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं. उत्तराखंड में होने वाली चार धाम यात्रा शुरू होने में अब अधिक समय शेष नहीं है. ऐसे में बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे दो प्रमुख धामों के लिए श्रद्धालु इसी ऋषिकेश–बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरते हैं. वर्तमान में तोता घाटी और आसपास के क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण एवं पहाड़ी कटिंग,पेस्टिंग का कार्य तेजी से चल रहा है.लेकिन पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने की घटनाएं और अधूरे निर्माण कार्य यात्रा सीजन के दौरान बड़ी चुनौती बन सकते हैं.

चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं. यदि समय रहते सड़क निर्माण, सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट), पहाड़ी स्थिरीकरण और मलबा हटाने का कार्य पूरा नहीं किया गया तो यात्रियों को लंबा जाम, जोखिम भरा सफर और दुर्घटनाओं जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में प्रशासन के लिए आवश्यक है कि यात्रा शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों विशेषकर तोता घाटीमें सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाए. साथ ही तमाम कार्यों को तय समयसीमा में पूर्ण किया जाए और ट्रैफिक प्रबंधन की ठोस योजना बनाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके.








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