चंपावत में उफनती नदी के बीच फंसे श्रद्धालु, हलक में अटकी जान, देवदूत बनी एसडीआरएफ


ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध जोड़ मेले के दौरान एसडीआरएफ की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया. एसडीआरएफ ने उफनती नदी के बीच फंसे 50 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई.

सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़, वर्तमान मौसम परिस्थितियों तथा संभावित आपदा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ की एक टीम को पूर्व से ही मेला क्षेत्र में तैनात की थी. टीम की यही अग्रिम तैनाती एवं सतर्कता आज आपदा की स्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई.

31 मई 2026 को लदिया एवं रतिया नदियों के संगम क्षेत्र स्थित कुंड में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन के लिए आवागमन कर रहे थे. इसी दौरान क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. जिससे लगभग 50 से 60 श्रद्धालु नदी के बीच फंस गये. बढ़ते जलस्तर के कारण नदी क्षेत्र में खड़े कई वाहन भी पानी में फंस गए. जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जोड़ मेले में तैनात एसडीआरएफ टीम, उप निरीक्षक दीपक सामंत के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल पर पहुंची. साथ ही राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया. तेज बहाव, लगातार बढ़ते जलस्तर एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने साहस, धैर्य एवं उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित नदी पार कराई. इसके अतिरिक्त नदी क्षेत्र में फंसे वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में आवश्यक सहायता प्रदान की गई.








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