कार में मेडिकल छात्रा ने किया सुसाइड, विभागीय डॉक्टर पर गंभीर आरोप, जांच में जुटी पुलिस


देहरादून से बड़ी खबर सामने आ रही है। श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेस (SGRR) की एमएस नेत्र रोग की छात्रा ने खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाकर सुसाइड कर लिया। छात्रा का शव संदिग्ध हालात में सड़क किनारे खड़ी कार के अंदर मिला है। घटना के बाद इलाके में सनसनी मच गई।

जानकारी के अनुसार घटना बीती रात की है। आत्मघाती कदम उठाने से पहले छात्रा ने अपने पिता से फ़ोन पर एक घंटे तक बात की थी। उसने बताया की उसकी विभागाध्यक्ष डॉक्टर की ओर से उसे फेल करने की धमकी दी जा रही है। छात्रा के पिता ने किसी तरह बेटी को समझाया ओर अगले दिन कॉलेज में आने की बात कही थी। लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटी इतना बड़ा कदम उठा देगी।

बता दें तन्वी ने अपने पिता को कहा था कि वो रात 12:30 बजे तक घर पहुंच जाएगी। उसके बाद तन्वी ने अपने पिता का फ़ोन उठाना बंद कर दिया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए तन्वी के पिता देर रात ही अम्बाला से देहरादून के लिए निकल गए। देहरादून पहुंचते ही तन्वी के पिता जब अस्पताल मार्ग पर पहुंचे तो तन्वी की कार सड़क किनारे खड़ी मिली जो अंदर से लॉक थी।

बेटी को बेसुध देख उसके पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। तन्वी ड्राइविंग सीट पर अचेत हालत में थी। किसी तरह उन्होंने पत्थर से शीशा तोड़कर लॉक खोला। तन्वी के हाथ में कैनुला लगा था और कार में इंजेक्शन बिखरे पड़े थे। उसके पिता आनन-फानन में उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने तन्वी को मृत घोषित कर दिया।

छात्रा के पिता ने विभागाध्यक्ष डॉक्टर पर मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने डॉ प्रियंका गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मृतका के पिता ललित मोहन निवासी अंबाला सिटी हरियाणा ने पुलिस को बताया कि उनकी 23 साक कि बेटी तन्वी सितंबर 2023 से SGRR से एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी। तन्वी अपनी मां के साथ देहरखास में किराये के कमरे में रहती थी।

पिता ने बताया कि पहले बेटी की विभागाध्यक्ष तरन्नुम शकील थी, लेकिन दिसंबर-2025 में डॉ प्रियंका गुप्ता को विभागाध्यक्ष बना दिया गया।विभागीय नेतृत्व बदलने के बाद उनकी बेटी को लगातार दबाव में रखा गया। उन्होंने बताया पहले उनकी बेटी के अच्छे अंक आते थे। आरोप है कि बाद में डॉ प्रियंका की ओर से जानबूझकर तन्वी को कम अंक देकर फेल करने की धमकी दी जाने लगी।

तन्वी के पिता ने बताया कि पिछले चार महीनों से छात्रा लगातार तनाव में थी। उसने घर पर कई बार विभागीय व्यवहार और दबाव की जानकारी दी थी। जिसके बाद पिता ने कई बार डॉ प्रियंका गुप्ता से मिलकर बेटी के भविष्य को प्रभावित न करने की गुजारिश भी की थी।

मामले को लेकर इंद्रेश अस्पताल के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया है कि तन्वी लंबे समय से मानसिक रोग का उपचार ले रही थी। पहले भी छात्रा आत्महत्या का प्रयास कर चुकी है। इस बारें में तन्वी के अभिभावक को भी जानकारी थी। तन्वी की मानसिक बीमारी का लिखित कंसेंट अभिभावकों द्वारा एमएस ऑफिस में पूर्व मे दिया हुआ है।

मामले को लेकर कोतवाली पटेल नगर एसएसआई प्रमोद शाह ने बताया है कि मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी डॉक्टर प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस घटना के संबंध में जांच पड़ताल में जुट गई है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।








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