मसूरी में अवैध निर्माण पर चलेगा एमडीडीए का बुलडोजर, हर सप्ताह होगी ‘रैंडम चेकिंग”


उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा मसूरी शहर अवैध निर्माण गतिविधियों से जूझ रहा है। इस समस्या से निदान के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अब अभियान चलाकर अवैध निर्माण को हटाएगा। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के लिए हर हफ्ते रैंडम चेकिंग की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए मसूरी को अलग-अलग सेक्टरों में बांट दिया गया है।

उन्होंने बताया कि हर सप्ताह प्राधिकरण की टीम एक सेक्टर में जाकर सभी निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान जो भी अवैध निर्माण करते पाया जाता है, उस पर तत्काल नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई के अलावा जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन इमारतों को पहले सील किया जा चुका है, यदि वहां फिर से निर्माण शुरू होता है तो संबंधित व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज होगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए लोग निर्माण कार्य कराएं। इसके अलावा, एमडीडीए ने घर बनाने की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया है। प्राधिकरण ने अपनी वेबसाइट पर पूर्व-स्वीकृत आवासीय नक्शे अपलोड किए हैं। अब नागरिक सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके ऑनलाइन हो जाने से बिना किसी दलाल के नक्शे को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।

एमडीडीए ने लोगों से अपील की है कि वे सीधे एमडीडीए की वेबसाइट का उपयोग करें ताकि प्रक्रिया वैध और आसान बन सके। एमडीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि बारिश के कारण सड़कों और फुटपाथों को हुए नुकसान की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू होगा। जीरो पॉइंट पर बहुप्रतीक्षित पार्किंग का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होगा, जिसकी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। तिवारी ने बताया कि 1998 के बाद मसूरी में कोई नई हाउसिंग स्कीम नहीं लाई गई है, लेकिन अब लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत नई कॉलोनियां बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हुसैनगंज में एक ईको पार्क का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसका शिलान्यास हो चुका है। मसूरी में बढ़ती आबादी और अनियमित निर्माणों को देखते हुए एक वन-टाइम सेटलमेंट पॉलिसी का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो अभी विचाराधीन है।








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