टिहरी कप्तान का फरमान, चार धाम के चलते 6 माह तक पुलिस कर्मियों को नहीं मिलेगी छुट्टी


सिपाहियों की कमी से जूझ रहे जनपद टिहरी गढ़वाल के पुलिस कप्तान आयुष अग्रवाल ने चारधाम यात्रा की दृष्टि से एक अहम निर्णय लिया है. उन्होंने अग्रिम आदेश तक सभी पुलिस कर्मियों के छुट्टी लेने पर रोक लगा दी है. यह रोक आकस्मिक कारणों पर लागू नहीं होगी.

दरअसल 30 अप्रैल से उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू हो रही है. जनपद टिहरी चारधाम यात्रा के लिए अपने आप में अहम जिला माना जाता है. इसी जिले से गंगोत्री, यमुनोत्री और श्रीनगर के लिए चारधाम यात्रा पर जाने वाले और लोकल वाहन आवागमन करते हैं. लेकिन सिपाहियों की कमी के चलते किस प्रकार चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों और उनके वाहनों के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी, यह पुलिस कप्तान आयुष अग्रवाल के लिए चुनौती बन गया है.

उन्होंने अपनी इस चुनौती का हल निकालने के लिए बड़ा फैसला लिया है. जनपद में 140 सिपाहियों की मौजूदगी के साथ वह चारधाम यात्रा को बेहतर बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं. इसीलिए उन्होंने सभी सिपाहियों के अग्रिम आदेश तक छुट्टी लेने पर रोक लगा दी है. एसपी ने यह भी कहा है कि कोई भी इंस्पेक्टर या प्रभारी बिना उनकी अनुमति के किसी भी सिपाही को छुट्टी नहीं देगा. आकस्मिक वजह से छुट्टी लेने वाले सिपाही को पूरी डिटेल के साथ कारण स्पष्ट लिखकर देना होगा, तभी उसे छुट्टी दी जाएगी.

गौरतलब है कि उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 30 अप्रैल 2025 से शुरू हो रही है. चारधाम में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम आते हैं. 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धामों को कपाट खुलेंगे. ये दोनों धाम उत्तरकाशी जिले में हैं. इनका रास्ता टिहरी जिले से होकर जाता है. यमुनोत्री और गंगोत्री दर्शन करने के बाद जब तीर्थयात्री केदारनाथ और बदरीनाथ धाम को जाते हैं तो रास्ता टिहरी जिले से होकर ही श्रीनगर को निकलता है. ऐसे में टिहरी गढ़वाल में यात्रा व्यवस्था और यात्रियों के वाहनों के संचालन को लेकर पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुल रहे हैं. बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे.








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