हरिद्वार। भाजपा नेत्री सरिता त्रिपाठी ने हरिद्वार में आयोजित विभिन्न रामलीला मंचों पर मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने और भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं को जीवन में उतारने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, मर्यादा, कर्तव्य और नैतिकता का संदेश देने वाला सशक्त माध्यम है।
अपने संबोधन में सरिता त्रिपाठी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, सत्य, कर्तव्यनिष्ठा, वचनबद्धता और आदर्श आचरण की अनुपम मिसाल है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए। श्रीराम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और हमें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी गौरवशाली विरासत को जीवंत रखते हैं तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों, नैतिक मूल्यों और सनातन परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।
सरिता त्रिपाठी ने सभी रामलीला आयोजनों में आमंत्रित करने एवं सम्मान प्रदान करने के लिए रामलीला समितियों के पदाधिकारियों, आयोजकों और समस्त क्षेत्रवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने आचरण में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है। जब परिवारों में संस्कार, समाज में समरसता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना मजबूत होगी, तभी एक सशक्त, संस्कारवान और विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। रामलीला जैसे आयोजन इसी सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।