अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के दावेदार डॉ. अजय पाल ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मंत्री के पति और कारोबारी गिरधारी लाल साहू की ओर से हाल ही में जारी वीडियो में 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री के परिवार से जुड़े व्यक्ति ही इतने गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो सरकार और जांच एजेंसियां अब तक कार्रवाई के लिए आगे क्यों नहीं आईं?
डॉ. अजय पाल ने कहा कि सोमेश्वर की जनता अब इन आरोपों का जवाब चाहती है। मंत्री के विभागों में कथित भ्रष्टाचार और विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि विजिलेंस पूरे मामले की जांच करे और यदि आरोपों में सच्चाई मिलती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और छापेमारी के मामलों में सक्रिय दिखाई देने वाली एजेंसियां अब कहां हैं? जब सत्तारूढ़ दल की एक मंत्री से जुड़े मामले में 210 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति का आरोप सामने आया है, तो जांच में देरी क्यों हो रही है? क्या कानून और जांच की प्रक्रिया सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के लिए अलग-अलग है?
डॉ. अजय पाल ने भाजपा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे करते हैं। ऐसे में इस मामले में भी निष्पक्ष जांच कराकर उन दावों को जमीन पर साबित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोमेश्वर की जनता को आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि सच्चाई सामने आने का इंतजार है। सरकार को चाहिए कि वह पूरे प्रकरण की जांच कराए, ताकि जनता के सामने वास्तविक तथ्य आएं और किसी भी दोषी को राजनीतिक संरक्षण न मिल सके।